
一 | डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने रूसी तेल खरीद के लिए भारत को निशाना बनाने और बड़े खरीदार चीन पर प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है। उनका कहना है कि भारत पर लगाए गए टैरिफ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डेमोक्रेट्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदने के लिए चीन या अन्य देशों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाकर उसे निशाना बना रहे हैं, जिससे अमेरिकियों को नुकसान पहुंच रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका-भारत संबंध खराब हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे यह यूक्रेन के बारे में है ही नहीं।'',कमेटी ने न्यूयार्क टाइम्स के एक लेख का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था, ''अगर ट्रंप प्रशासन रूसी तेल खरीदने वाले किसी भी देश पर सेकेंडरी प्रतिबंधों लागू करने का विकल्प चुनता तो एक बात होती। लेकिन केवल भारत पर ध्यान केंद्रित करने के निर्णय के परिणामस्वरूप शायद सबसे भ्रामक नीतिगत परिणाम सामने आए हैं: चीन, जो रूसी ऊर्जा का सबसे बड़ा आयातक है, अभी भी रियायती दरों पर तेल खरीद रहा है, और अब तक वह ऐसी सजा से बचा हुआ है।'',(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) यह भी पढ़ें- सस्ते रूसी तेल से एक साल में भारत के कितने पैसे बचे? ग्लोबल रिसर्च फर्म ने जारी की रिपोर्ट; हैरान कर देंगे आंकड़े。 亚马逊周二宣布,即将关停已有21年历史的众包工作平台Mechanical Turk。Mechanical Turk(简称MTurk)官网发布通知称:“我们会定期评估旗下项目、工具与服务,并根据评估结果做出调整。

二 | 经过评估,我们决定关闭AWS Mechanical Turk平台,自2026年9月30日起生效。

三 | ”Mechanical Turk于2005年上线,为大量兼职人员匹配简单的线上工作,也就是所谓 “人类智能任务”,单份任务报酬通常只有几美分。任务内容包括数据标注、音视频转录以及填写调查问卷。(新浪财经)原文链接。

四 |
Current article:http://3eg.cousizhegaobaolengkuo.bond/list_p09my8g/e3ufu.html
Published on:21:14:36